12/24/2025

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना : युवाओं को समर्थ बनाने का सशक्त जरिया


Pradhan Mantri Mudra Yojana: A powerful tool for empowering the youth.

बेरोजगारी दूर करने या गरीबी के दलदल से निकालने के लिए केवल नौकरी ही उपलब्ध करवाना पर्याप्त नहीं है। केंद्र सरकार यह समझ रही है और इसीलिए युवाओं को अन्य तरीकों से भी आर्थिक रूप से समर्थ बनाना चाहती है। उन्हें केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी प्रदाता भी बनाना चाहती है। इसके लिए केंद्र सरकार की मुद्रा योजना काफी कारगर साबित हो रही है। आइए जानते हैं क्या है प्रधानमंत्री मुद्दा योजना।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक पहल है2015 में शुरू हुई इस योजना  का लक्ष्य गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSMEs) को 20 लाख रुपये तक का ऋण (मुद्रा लोन) उपलब्ध कराना है, ताकि विनिर्माण, व्यापार और सेवा क्षेत्रों में उद्यमिता को बढ़ावा दिया  जा सके, जो 'शिशु', 'किशोर', और 'तरुण' और तरुण प्लस  नामक चार श्रेणियों में बंटा है और इसे बैंक, NBFCs के माध्यम से आनलाइन या आफलाइन आवेदन करके प्राप्त किया जा सकता है। मुद्रा योजना युवा शिक्षित या कुशल कामगारों और उद्यमियों आदि को लक्ष्यित  करता है। यह योजना गैर-कार्पोरेट छोटे कारोबारी सेक्टर (NCSBS) को वित्तीय सुविधाएं देने और उन्हें बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है, ताकि वे सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ावा मिले और रोज़गार पैदा करने का ज़रिया बन सकें। अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति, बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना समावेशित हैं।

योजना का उद्देश्य:

छोटे व्यवसायों और पहली पीढ़ी के उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, जीडीपी वृद्धि और रोजगार सृजन में मदद करना है। ऋण मुद्रा की चार श्रेणियां हैं-1. शिशु श्रेणी- 50,000 तक के ऋण 2. किशोर श्रेणी- 50,001 से 5,00,000 तक के ऋण 3. तरुण: 5,00,001 से 10,00,000 तक के ऋण 4. तरुण प्लस 10,00,000 से 20,00,000 तक के ऋण।  

कौन हैं पात्र (who is eligible):

कोई भी युवा जो 18 वर्ष से अधिक उम्र का हो। भारत का कोई भी नागरिक जो गैर-कृषि आय-अर्जक गतिविधि (विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार, सेवा) में है और जिसकी ऋण आवश्यकता 20 लाख रुपये तक है। महिला उद्यमी, युवा शिक्षित या कुशल श्रमिक भी पात्र हैं। वाणिज्यिक बैंक,  क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, सूक्ष्म वित्त संस्थान (MFI), और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFCs) ऋण देने के लिए तैयार बैठी हैं। ऋण प्राप्त करने के लिए सीधे बैंकों/वित्तीय संस्थानों से संपर्क करें। जनसमर्थ पोर्टल (Jansamarth.in) या उद्यमीमित्र पोर्टल (Udyamimitra.in) के माध्यम से आनलाइन आवेदन करें। बैंक 8 से 12 प्रतिशत सालाना ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराते हैं।

निम्न दस्तावेज़ जरूरी (Documents):

भरा हुआ आवेदन पत्र, पहचान और पता प्रमाण (आधार, पैन), व्यवसाय प्रमाण (लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन), वित्तीय दस्तावेज (पिछले दो साल के ITR, बिक्री), और परियोजना रिपोर्ट।

निम्न गतिविधियां शामिल हैं (Activities Covered):

खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र, व्यापारी और दुकानदार, उपकरण वित्त, और कृषि से जुड़ी गतिविधियां (मत्स्यपालन, पशुपालन, डेयरी, कृषि क्लीनिक आदि)।



2/13/2025

wooden alphabet :: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिया लकड़ी के वर्णमाला का उपहार, जो है कुछ खास

 


भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस पहुंचे तो वहां के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की बेटी मिराबेल रोज वेंस के जन्मदिन समारोह में भा शामिल हुए। वहां उन्होंने जेडी वेंस की बेटी को लकड़ी का वर्णमाला सेट उपहार में दिया।

प्रधानमंत्री मोदी की यह खासियत है कि कई बार विदेश में प्रमुख लोगों को कुछ ऐसी चीजें उपहार में देते हैं, जो चर्चा का विषय बन जाती है। अब इन दिनों वह संयुक्त राज्य अमेरिका में अपनी राजनयिक यात्रा पर हैं। अब उन्होंने उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के विस्तारित परिवार के जेडी वेंस की छोटी बेटी मीराबेल रोज़ वेंस को पर्यावरण के अनुकूल लकड़ी का एक वर्णमाला सेट उपहार में दिया है।

यह उपहार बहुत ही उद्देश्यपूर्ण और दुनिया को संदेश देने वाला है। उनका यह उपहार शिक्षा को पर्यावरणीय स्थिरता के साथ जोड़ने वाला है। टिकाऊ, गैर-विषाक्त लकड़ी से तैयार, वर्णमाला सेट बच्चों में संज्ञानात्मक और मोटर कौशल को बढ़ावा देने के लिए एक शिक्षण उपकरण है, जो खेल के समय सहायक उपकरण का भी काम करता है। यह प्लास्टिक का बहुत अच्छा विकल्प है। दूसरी ओर

इस सेट को इंटरैक्टिव और हाथों से सीखने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह सेट बच्चों को शैक्षिक तरीके से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करता है, जिससे पढ़ने और भाषा के विकास के लिए गहरा प्यार पैदा होता है।